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    *बिलासपुर में क्षत्रिय राठौर समाज का राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह – शिक्षा और संस्कारों से रच रहा समाज नई पहचान*

    बिलासपुर में क्षत्रिय राठौर समाज का राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह – शिक्षा और संस्कारों से रच रहा समाज नई पहचान”

    बिलासपुर।

    क्षत्रिय राठौर समाज ने शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान को एक नई ऊँचाई पर ले जाते हुए बिलासपुर में राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया। समाज के इस आयोजन का उद्देश्य केवल मेधावी बच्चों को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान की परंपरा को आगे बढ़ाना भी रहा।

    14 सितंबर को स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में 2025 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले करीब 140 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम और वीर शहीद दुर्गादास राठौर एवं अमर राठौर के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता समाजसेवी डॉ. कांशी प्रसाद राठौर ने की। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल और नगर निगम महापौर पूजा विधानी शामिल रहीं।

     

    अतिथियों ने बच्चों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने समाज को 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने क्षत्रिय राठौर समाज की इस पहल को “शिक्षा की दिशा में मील का पत्थर” बताया और कहा कि मेधावी बच्चे भविष्य में समाज और प्रदेश का गौरव बढ़ाएँगे।

     

    ✦ समाज की उपलब्धियाँ और संकल्प

     

    क्षत्रिय राठौर समाज हर वर्ष शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करता है।

     

    इस बार 140 से अधिक छात्रों को सम्मानित कर समाज ने शिक्षा के प्रति अपनी गंभीरता और प्रतिबद्धता को दिखाया।

     

    समाज के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि आने वाले समय में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि खेल और अन्य क्षेत्रों में भी मेधावी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

     

    समाज ने अपने ऐतिहासिक मूल्यों और संस्कारों को जोड़ते हुए युवाओं को प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है।

     

     

    समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह और परिजनों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। यह आयोजन न सिर्फ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी मिला कि शिक्षा ही भविष्य की सच्ची ताकत है और समाज की असली पूँजी।

     

     

     

     

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