
बिलासपुर, 6 अक्टूबर 2026। नई दिल्ली में आयोजित Bihari Swabhimaan Sammelan 2026 में छत्तीसगढ़ के उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय प्रवीण चंद्र झा को सामाजिक सरोकारों, सेवा कार्यों और उद्योग के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रवीण झा अपनी अर्धांगिनी कल्पना झा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के मंच पर प्रवीण झा को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुए इस सम्मान के दौरान उपस्थित लोगों ने उनका अभिनंदन किया।
उद्योग के साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय हैं प्रवीण झा
प्रवीण झा छत्तीसगढ़ में उद्योग के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों और सेवा कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित किया गया।
सम्मान के अवसर पर प्रवीण झा ने कहा कि “सम्मान की असली खुशी तब होती है, जब वह समाज और लोगों के लिए किए गए कार्यों के लिए मिले।” उन्होंने कहा कि समाज और लोगों से मिलने वाला प्यार एवं सम्मान उन्हें आगे भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि सफलता का अर्थ केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना नहीं है। व्यक्ति जिस मुकाम तक पहुंचता है, वहां तक पहुंचने में समाज और लोगों का भी योगदान होता है। इसलिए अपनी क्षमता और अनुभव का उपयोग समाज के लिए करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
युवाओं को अवसर और सही दिशा देने पर दिया जोर
प्रवीण झा ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी प्रतिभा और ऊर्जा से भरपूर है। जरूरत है कि उन्हें सही दिशा, अवसर और मार्गदर्शन मिले। शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने वाला युवा परिवार के साथ-साथ समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि जो लोग जीवन में आगे बढ़ चुके हैं, उन्हें अपने साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। किसी युवा को अवसर देना, किसी जरूरतमंद की मदद करना या किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करना—समाज के लिए किया गया हर छोटा प्रयास महत्वपूर्ण है।
मेजर जनरल जी.डी. बख्शी ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
सम्मेलन में मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है और युवाओं को अपनी क्षमता को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाना चाहिए। उनकी मौजूदगी ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
सामाजिक सरोकार और उद्यमिता पर हुआ विचार-विमर्श
सम्मेलन के दौरान सामाजिक सरोकार, युवा शक्ति, नेतृत्व, उद्यमिता और समाज के विकास जैसे विषयों पर विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने विचार साझा किए। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों को एक मंच पर लाना रहा।
प्रवीण झा ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और समाज के लिए मिलकर कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर उनकी अर्धांगिनी कल्पना झा भी मौजूद रहीं। प्रवीण झा ने शुभसीता फाउंडेशन की संस्थापिका मनोरमा जी, कन्वेनर रोहन जी एवं पूरी आयोजन समिति का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक जुड़ाव और सकारात्मक सोच को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजन समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
