
दुर्ग। टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत बनाने की दिशा में अडानी फाउंडेशन, जामुल सीमेंट वर्क्स ने एक सराहनीय पहल करते हुए शुक्रवार को दुर्ग जिले के 100 टीबी मरीजों को न्यूट्रिशन किट वितरित की। कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना और बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) दुर्ग श्री मनोज धानी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ अडानी फाउंडेशन, जामुल सीमेंट वर्क्स के CSR प्रमुख श्री जामिल अख्तर खान एवं उनकी टीम ने मरीजों को न्यूट्रिशन किट वितरित की। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग और फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने टीबी मरीजों के लिए पोषण की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की।
बताया गया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से उबरने के लिए दवाइयों के साथ संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद आवश्यक होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन द्वारा जरूरतमंद मरीजों तक पोषण सहायता पहुंचाई गई। न्यूट्रिशन किट में स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री शामिल की गई है, जिससे मरीजों को उपचार के दौरान अतिरिक्त पोषण मिल सके।
इस अवसर पर CMHO श्री मनोज धानी ने कहा कि समाज और उद्योगों की सहभागिता से ही टीबी मुक्त भारत अभियान को गति मिल सकती है। उन्होंने अडानी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
वहीं CSR प्रमुख श्री जामिल अख्तर खान ने कहा कि अडानी फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। टीबी मरीजों को पोषण सहयोग देना केवल एक सेवा नहीं, बल्कि उनके बेहतर जीवन और स्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ACC अडानी सीमेंट, जामुल के मुख्य संयंत्र प्रबंधक श्री महेंद्र सिंह का विशेष सहयोग रहा। आयोजन के दौरान उनके योगदान के लिए आभार भी व्यक्त किया गया।
टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार को दर्शाती यह पहल न केवल मरीजों को राहत प्रदान करेगी, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
