
बिलासपुर। व्यापार विहार थोक मंडी में लगातार सामने आ रहे नकली सामान के मामलों के बीच व्यापारी संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सख्त रुख अपनाने का दावा किया है। संघ पदाधिकारियों ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यदि कोई व्यापारी नकली सामान खपाते पाया गया तो उसे व्यापारी संघ से निष्कासित कर दिया जाएगा। साथ ही ट्रांसपोर्टरों से भी ऐसे कारोबारियों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई।
लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह केवल बाजार की छवि बचाने की कोशिश है या वास्तव में नकली कारोबारियों पर कोई ठोस कार्रवाई भी होगी? क्योंकि हाल के दिनों में नकली इनो, एवरेस्ट मसाला और सर्फ जैसे ब्रांडेड उत्पाद पकड़े जाने के बावजूद व्यापार विहार में डुप्लीकेट सामान की बिक्री थमती नजर नहीं आ रही।
व्यापार विहार में लंबे समय से चल रहा ‘नकली खेल’
सूत्रों के मुताबिक व्यापार विहार में लंबे समय से ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बाजार में खपाया जा रहा है। नकली उत्पादों की पैकिंग इतनी मिलती-जुलती बनाई जाती है कि आम ग्राहक असली और नकली में फर्क नहीं कर पाता। कम दाम और ज्यादा मुनाफे के कारण यह कारोबार तेजी से फैलता गया।
जानकारी के अनुसार नकली मसाले, डिटर्जेंट, हेल्थ प्रोडक्ट और रोजमर्रा के कई सामान मंडी के जरिए बाजार तक पहुंच रहे हैं। कई व्यापारियों का कहना है कि यह कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं बल्कि करोड़ों रुपए का संगठित नेटवर्क है, जिसमें सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक शामिल हैं।
कार्रवाई के बाद भी बाजार में बिक रहा डुप्लीकेट सामान
हाल ही में प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्रवाई में कई संदिग्ध उत्पाद जब्त किए गए थे। इसके बावजूद बाजार में नकली माल की सप्लाई जारी रहने की चर्चा है। व्यापार विहार के अंदर ही यह बात कही जा रही है कि कार्रवाई के बाद कुछ कारोबारी कुछ दिनों तक शांत रहते हैं और फिर दोबारा वही धंधा शुरू कर देते हैं।
यही वजह है कि व्यापारी संघ की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि संघ इतना सख्त है तो अब तक कितने व्यापारियों पर कार्रवाई हुई? कितनों को नोटिस दिया गया? और आखिर बाजार में नकली सामान पहुंच कैसे रहा है?
दुकानों पर कार्रवाई, लेकिन बड़े सप्लायर सुरक्षित?
मंडी से जुड़े लोगों का कहना है कि जांच और कार्रवाई अधिकतर दुकानों तक सीमित रह जाती है, जबकि नकली सामान तैयार करने वाली फैक्ट्रियां और बड़े सप्लायर अब भी पकड़ से दूर हैं। यही कारण है कि नकली कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।
जानकारों का मानना है कि जब तक सप्लाई चेन, पैकिंग यूनिट और मुख्य नेटवर्क पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक व्यापार विहार से नकली सामान का खेल बंद होना मुश्किल है।
ग्राहकों की सेहत से हो रहा खिलवाड़
विशेषज्ञों के अनुसार नकली खाद्य और घरेलू उत्पाद सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी बड़ा खतरा हैं। नकली मसाले, डिटर्जेंट और अन्य उत्पादों में घटिया और हानिकारक सामग्री इस्तेमाल होने की आशंका रहती है, जिससे लोगों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
व्यापार विहार जैसी बड़ी मंडी में लगातार सामने आ रहे नकली कारोबार के मामलों ने पूरे बाजार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि व्यापारी संघ की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वास्तव में कोई सख्त कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी केवल बयानबाज़ी और औपचारिक बैठकों तक सीमित रह जाएगा।
