
बिलासपुर, 06 अगस्त।
बिलासपुर सराफा एसोसिएशन ने सरकंडा स्थित दिव्या ज्वेलर्स को अपनी सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि प्रतिष्ठान से जुड़े चोरी के मामलों के बार-बार सामने आने से सराफा व्यापारियों में चिंता का माहौल है। इसे देखते हुए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष, वैज्ञानिक और गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
कमल सोनी ने कहा कि किसी एक प्रतिष्ठान का नाम लगातार चोरी के मामलों में सामने आने से पूरे सराफा व्यापार की साख प्रभावित होती है। इसी कारण संगठन ने दिव्या ज्वेलर्स की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला व्यक्तिगत कारणों से नहीं, बल्कि व्यापारिक नैतिकता, पारदर्शिता और ईमानदार व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में संबंधित प्रतिष्ठान किसी भी अवैध या आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का उससे किसी प्रकार का संबंध या समर्थन नहीं रहेगा। संगठन कानून का सम्मान करने वाले व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ा है।
एसोसिएशन ने पुलिस प्रशासन से चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने की भी मांग की है। साथ ही गोल्ड लोन देने वाली वित्तीय संस्थाओं के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि चोरी के आभूषणों के अवैध लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।
कमल सोनी ने कहा कि सराफा समाज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ संगठन भविष्य में भी आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा तथा पुलिस प्रशासन को हरसंभव सहयोग देता रहेगा।
