
बिलासपुर। स्क्रैप सामग्री के परिवहन को लेकर सामने आए विवाद के बीच साई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन के एचआर मैनेजर अमनदीप सिंह ने लिखित बयान जारी कर पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी पुलिस कर्मचारी द्वारा उनसे पैसों की मांग नहीं की गई और न ही उन्होंने किसी मीडिया कर्मी को इस संबंध में कोई बयान दिया है।
अमनदीप सिंह ने बताया कि कंपनी के स्क्रैप माल को बेचने के लिए सिरगिट्टी क्षेत्र के एक खरीदार से सौदा हुआ था। खरीदार की ओर से भेजे गए पिकअप वाहन में स्क्रैप सामग्री लोड कर शाम करीब 7 बजे ले जाई जा रही थी। इसी दौरान कंपनी यार्ड के बाहर मोटरसाइकिल से पहुंचे दो पुलिस कर्मियों ने वाहन को रोक लिया और खुद को सिरगिट्टी थाना से संबंधित पुलिसकर्मी बताया। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने अमनदीप सिंह से स्क्रैप सामग्री से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा, जिस पर दस्तावेज मौके पर न दिखाकर थाना में प्रस्तुत करने की बात कही गई। इसके बाद अमनदीप सिंह रात करीब 8:30 बजे सिरगिट्टी थाना पहुंचे और थाना प्रभारी को संबंधित दस्तावेज दिखाए। दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें वापस जाने की अनुमति दे दी गई। अमनदीप सिंह ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में कहा है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी ने उनसे पैसे की मांग नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में चल रही खबरों या चर्चाओं की जानकारी उन्हें नहीं है और उन्होंने किसी मीडिया प्रतिनिधि से इस मामले में कोई बातचीत नहीं की है। कंपनी के एचआर अमनदीप सिंह इस बयान के बाद मामले को लेकर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं कहा कि जो भी अफवाह फैलाई जा रही है, उससे उनका कोई वास्ता नहीं है। साथ ही कहा कि किसी प्रकार की अफवाह न फैलाएं।
