
बिलासपर। जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी के विरुद्ध कथित भ्रष्टाचार, लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना तथा पत्रकारों के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज कराने के आरोपों को लेकर आज बिलासपुर में ज्ञापन सौंपा गया।
युवा अध्यक्ष शान श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि संजीव तिवारी द्वारा लगभग 20 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ रहते हुए किए गए कथित कार्यों एवं वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों को प्रताड़ित करने तथा उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने जैसी घटनाओं की भी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), विशेष जांच दल (SIT) तथा आयकर विभाग से कराने की मांग की है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्य न्यायाधीश, माननीय मुख्यमंत्री, माननीय प्रधानमंत्री एवं सीबीआई निदेशक के नाम भी प्रेषित की गई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि आरोपों में सत्यता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य कर रहे पत्रकारों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
ज्ञापन के माध्यम से शासन एवं प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
