
बिलासपुर, 03 अप्रैल 2026।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेल में अपनी अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है। यात्री सेवाओं से लेकर माल-ढुलाई, संरक्षा, डिजिटल पहल और तकनीकी नवाचार तक हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं।
महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने बिलासपुर स्थित महाप्रबंधक सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में इन उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान विभागाध्यक्ष और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
यात्री सेवाओं में रिकॉर्ड वृद्धि
इस वर्ष 8.30 करोड़ से अधिक यात्रियों ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सेवाओं का लाभ उठाया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12% अधिक है। 35,469 मेल/एक्सप्रेस और 50,407 पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया गया। 4 नई ट्रेनें शुरू की गईं, 7 ट्रेनों का विस्तार हुआ और 36 ट्रेन-जोड़ियों में 28 नए स्टॉपेज जोड़े गए।
यात्रा को आधुनिक बनाने के लिए 5 आईसीएफ रेक को एलएचबी कोच में बदला गया। त्योहारों में 126 ट्रिप वाली 32 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जबकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 84 भारत गौरव ट्रिप संचालित हुए।
संरक्षा में बड़ा सुधार
रेल दुर्घटनाओं में 45% की कमी दर्ज की गई। 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज बनाकर 34 लेवल क्रॉसिंग खत्म की गईं। 11 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और 25 पर मॉडिफिकेशन कार्य पूरा हुआ। ‘कवच’ सिस्टम 101 लोकोमोटिव में लगाया गया।
इसके अलावा 343 किमी सुरक्षा फेंसिंग, 58 स्टेशनों पर फायर अलार्म और कोचों में अग्नि सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई।
माल-ढुलाई में नया कीर्तिमान
261 मिलियन टन माल-ढुलाई के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने नया रिकॉर्ड बनाया और देश में दूसरा स्थान हासिल किया। कोयला परिवहन में 199.50 मिलियन टन के साथ यह देश में पहले स्थान पर रहा।
आर्थिक मजबूती का प्रमाण
रेलवे ने ₹32,000 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया, जिसमें ₹30,400 करोड़ माल-ढुलाई से आया। परिचालन अनुपात 53.30% तक सुधरना बेहतर प्रबंधन और दक्षता को दर्शाता है।
बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास
125 किमी नई लाइन चालू की गई और 2790 किमी की 41 परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 50 स्टेशनों पर कार्य जारी है, जिनमें 17 का पहला चरण पूरा हो चुका है।
यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, फुट ओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म उन्नयन जैसे कार्य किए गए। ‘रेल मदद’ पोर्टल पर 51,000 से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया।
डिजिटल और तकनीकी पहल में अग्रणी
UTS मोबाइल ऐप से 20.67% टिकट बुकिंग हुई, जिससे SECR गैर-उपनगरीय रेलवे में पहले स्थान पर रहा। डिजिटल भुगतान में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।
रायपुर मंडल में AI आधारित ड्रोन से निरीक्षण और भिलाई-कोरबा में ऑटोमैटिक वैगन डैमेज डिटेक्शन सिस्टम जैसी तकनीकों का उपयोग शुरू हुआ।
यात्री सुरक्षा में RPF की बड़ी भूमिका
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 324 बच्चों को बचाया गया। RPF ने लाखों के अवैध टिकट, करोड़ों के नशीले पदार्थ और चोरी की संपत्ति बरामद कर यात्रियों को लौटाई।
कर्मचारी कल्याण पर भी फोकस
4,193 नए कर्मचारियों की भर्ती की गई। कर्मचारियों को ₹1 करोड़ का बीमा कवर और दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल वैन की सुविधा दी गई।
निष्कर्ष
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वर्ष 2025–26 में समग्र विकास का उदाहरण पेश करते हुए यात्री सुविधा, सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। यह उपलब्धि रेलवे कर्मचारियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है।
