
बिलासपुर | 13 मार्च 2026
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की पहल और सतर्कता विभाग की सक्रिय निगरानी से पीएफ और पेंशन मामलों के निपटारे में उल्लेखनीय तेजी आई है। एसईसीएल के मानव संसाधन विभाग और कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के संयुक्त प्रयासों से अप्रैल 2025 से अब तक 846 पीएफ एवं पेंशन मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। इस पहल से विशेष रूप से दिवंगत कर्मचारियों की विधवाओं और आश्रितों को समय पर सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलने लगा है, जिसकी व्यापक सराहना की जा रही है।
विधवाओं और आश्रितों को मिली बड़ी राहत
निपटाए गए मामलों में बड़ी संख्या दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों, विशेषकर विधवा पेंशन और बाल पेंशन से जुड़े मामलों की थी। पहले इन मामलों में देरी के कारण परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस संवेदनशील मुद्दे को ध्यान में रखते हुए एसईसीएल के सतर्कता विभाग ने 5 अप्रैल 2025 को सीएमपीएफओ और प्रबंधन के साथ बैठक कर लंबित मामलों के शीघ्र और समयबद्ध निपटारे पर जोर दिया।
संयुक्त बैठक और निगरानी से तेज हुई प्रक्रिया
सतर्कता विभाग की पहल के बाद 22 अप्रैल 2025 को एसईसीएल प्रबंधन ने सीएमपीएफओ और विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की, जिसमें लंबित मामलों की केस-वाइज समीक्षा की गई। इसके बाद मामलों के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए और पीएफ-पेंशन मामलों की प्रगति पर मासिक समीक्षा तंत्र भी शुरू किया गया, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों आई।
‘प्रयास’ शिविरों से बढ़ी समाधान की रफ्तार
सीएमपीएफओ की पहल पर “प्रयास” अभियान के तहत जुलाई 2025 से फरवरी 2026 के बीच एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में 9 विशेष पीएफ-पेंशन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में लाभार्थियों को सीधे सहायता दी गई और मौके पर ही दस्तावेजों का सत्यापन कर लंबित मामलों का समाधान किया गया।
इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप अप्रैल 2025 से अब तक हर महीने औसतन लगभग 75 मामलों का निपटारा किया जा रहा है। इससे पुराने लंबित मामलों का तेजी से समाधान हुआ है और नए मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
7 दिनों में जारी हुआ पेंशन आदेश
इस प्रभावी व्यवस्था का उदाहरण तब देखने को मिला जब एसईसीएल मुख्यालय के दिवंगत कर्मचारी भारत भूषण की पत्नी विमला भूषण के विधवा पेंशन क्लेम का निपटारा मात्र 7 दिनों में कर दिया गया।
9 मई 2025 को दस्तावेज मिलने के बाद 13 मई को प्रस्ताव भेजा गया और 15 मई 2025 को पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी कर दिया गया।
दिवंगत भारत भूषण के पुत्र नीरज भूषण ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि प्रक्रिया इतनी तेजी से पूरी हो जाएगी। एसईसीएल और सीएमपीएफओ के अधिकारियों के सहयोग से उनकी माता की विधवा पेंशन बहुत कम समय में स्वीकृत हो गई, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।
अन्य कंपनियां भी अपना रहीं मॉडल
एसईसीएल द्वारा अपनाए गए इस प्रभावी मॉडल की सफलता को देखते हुए कोल इंडिया लिमिटेड की अन्य सहायक कंपनियां भी अपने यहां पीएफ और पेंशन मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए इसी तरह की पहल शुरू कर रही हैं।
