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    *आपातकाल की यादें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी, लोकतंत्र की रक्षा के लिए युवाओं को इतिहास जानना होगा : सच्चिदानंद उपासने*

    बिलासपुर।

    भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल आज भी एक महत्वपूर्ण और चर्चित अध्याय माना जाता है। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं लोकतंत्र प्रहरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने कहा है कि आपातकाल के दौरान देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर प्रतिबंध लगाए गए थे। ऐसे में नई पीढ़ी को उस दौर की वास्तविक घटनाओं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्षों से अवगत कराना बेहद आवश्यक है।

    बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उपासने ने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई और हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों तथा लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मूल्यों को समझने और उनकी रक्षा के महत्व को जानने के लिए युवाओं को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराना जरूरी है।

    उन्होंने बताया कि लोकतंत्र सेनानी संघ और लोकतंत्र प्रहरी संगठन प्रतिवर्ष 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस वर्ष भी ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर कई आयोजन किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य लोकतंत्र के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व से परिचित कराना है।

    520 विद्यार्थियों ने दिखाई रुचि

    उपासने ने बताया कि युवाओं को इतिहास और लोकतंत्र से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश स्तरीय निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” तथा महाविद्यालय स्तर पर “25 जून संविधान हत्या दिवस की प्रासंगिकता” विषय निर्धारित किए गए थे।

    प्रतियोगिता को प्रदेशभर से उत्साहजनक प्रतिसाद मिला और कुल 520 निबंध प्राप्त हुए। इनका मूल्यांकन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि युवा वर्ग देश के इतिहास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक हो रहा है।

    28 जून को रायपुर में होगा सम्मान समारोह

    लोकतंत्र प्रहरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि 28 जून 2026 को रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में लोकतंत्र सेनानियों एवं लोकतंत्र प्रहरियों के परिवारों का भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 31 हजार रुपए, द्वितीय स्थान पर 21 हजार रुपए और तृतीय स्थान पर 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा दस-दस प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

    सभी प्रतिभागियों को मिलेगा प्रमाण-पत्र

    उपासने ने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही उन विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों का भी सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने विद्यार्थियों को इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

    उन्होंने बताया कि भविष्य में लोकतंत्र प्रहरी संगठन द्वारा भाषण, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और अन्य बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना विकसित हो और वे संविधान तथा लोकतंत्र के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें।

    प्रेस वार्ता में दत्ता त्रिपुरवार, सुहास देशपांडे, अर्जुन तीर्थंणी और सुनील पुराणिक सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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