
बिलासपुर | सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम केयर हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला सरकंडा थाना में पदस्थ एक कांस्टेबल की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, जिसने शहर में सनसनी फैला दी है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, कांस्टेबल को किडनी स्टोन की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में उसकी हालत सामान्य बताई जा रही थी और डॉक्टरों द्वारा नियमित उपचार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि उन्हें आश्वस्त किया गया था कि मरीज को दो दिनों के भीतर डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
हालांकि, अचानक कांस्टेबल की तबीयत बिगड़ने लगी और कुछ ही समय में अस्पताल प्रबंधन ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के मुख्य संचालक डॉ. अमित सोनी के खिलाफ परिजनों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
गौरतलब है कि श्रीराम केयर हॉस्पिटल पर पहले भी इलाज में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं, जिससे इसकी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
इस घटना से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। एक जवान की असामयिक मौत पर साथी कर्मचारियों ने दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सकेगी।
