
बिलासपुर।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ द्वारा मनरेगा का नाम परिवर्तित किए जाने के विरोध में आयोजित विधानसभा घेराव कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास अपने सैकड़ों सहयोगियों के साथ शामिल हुए। इस दौरान राजधानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला, जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक एवं आंध्र प्रदेश प्रभारी त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना का नाम बदलना केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है, जिसे कांग्रेस पार्टी कतई स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है और इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करना जनता के हितों के खिलाफ है।
विधानसभा घेराव के दौरान श्री श्रीवास ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव, विकास उपाध्याय और अरुण वोरा सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर प्रदेश के राजनीतिक हालात और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की।
इस कार्यक्रम में त्रिलोक श्रीवास के साथ मोहन जायसवाल, पंडित जितेंद्र शर्मा (जीतू), चरण सिंह राज, रमेश शिकारी (सरपंच), भागवत निर्मलकर, मनोज श्रीवास, दीपक कश्यप, कृष्ण श्रीवास, रामलखन जायसवाल, मंगल वाजपेई, राहुल गोरख, कामरान खान, शुभम श्रीवास, रामेश्वर केसरी, अमन साहू, मुकेश अग्रवाल, नवीन दुबे, आयुष सिंह, राज कौशल श्रीवास्तव, अनिल साहू, हरीश वर्मा, पवन सिंह ठाकुर, रवि बघेल, दादूराम लस्कर, चंद्र प्रकाश केसरवानी, सुखदेव तिवारी, हृदेश कश्यप, प्रशांत काशी, सोनू कश्यप, धनंजय कश्यप, ओमप्रकाश श्रीवास, लक्ष्मी यादव, राजेश यादव, रामप्रसाद केवट, रामप्रसाद चंद्राकर, प्रकाश कमल सेन, श्रीमती अन्नपूर्णा ध्रुव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के फैसले का विरोध किया और चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के नाम में परिवर्तन का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
