
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोटा स्थित डॉ. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी से बी-फार्मा का एक छात्र रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है। छात्र के गायब होने के छह दिन बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले को लेकर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार रोहित कुमार बी-फार्मा सेमेस्टर-3 का छात्र है और विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। परिजनों को यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से जानकारी दी गई कि रोहित 6 मार्च 2026 से परिसर से लापता है। परिवार ने अपने स्तर पर भी काफी खोजबीन की, लेकिन 12 मार्च तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
इस संबंध में 7 मार्च 2026 को थाना कोटा, जिला बिलासपुर में लिखित सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बिहार से बिलासपुर पहुंचे पिता, लगाई बेटे को ढूंढने की गुहार
रोहित कुमार के पिता अमरेन्द्र कुमार, जो बिहार के गया जिले के महाबीर नगर डेल्हा के निवासी हैं, बेटे की तलाश में बिलासपुर पहुंचे हैं। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक को आवेदन सौंपकर बेटे की जल्द तलाश करने की मांग की है।
पिता का कहना है कि कई दिनों से बेटे का कोई पता नहीं चल रहा है, जिससे परिवार बेहद चिंतित और परेशान है। उन्होंने प्रशासन से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है।
हॉस्टल के साथियों से विवाद, कुछ छात्रों पर जताई आशंका
परिजनों के अनुसार रोहित छात्रावास में कुछ सहपाठियों के साथ रहता था और उनके बीच कई बार विवाद की स्थिति भी बनती थी। परिवार ने जिन छात्रों के नामों का उल्लेख किया है, उनमें हितेश पाण्डेय, सोहेल अली, पंकज कुमार, रश्मि वर्मा, ज्योति गुप्ता और अफाहिम लहरी शामिल हैं।
परिजनों का कहना है कि इन छात्रों के साथ अक्सर विवाद होने के कारण उन्हें पूरे मामले में उनकी भूमिका को लेकर संदेह है। परिवार ने व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं।
मां को भेजा था संदेश – “हॉस्टल में रहना जान के लिए खतरा”
मामले में एक चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है। परिजनों के अनुसार लापता होने से पहले रोहित ने अपनी मां को मोबाइल पर एक संदेश भेजा था, जिसमें उसने लिखा था कि हॉस्टल में रहना उसकी जान के लिए खतरा बन गया है। इस संदेश के सामने आने के बाद छात्रावास के माहौल को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
परिजनों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मीडिया से बातचीत में परिजनों ने विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिसर के कई हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं और यूनिवर्सिटी की बाउंड्री वॉल भी कई जगह से जर्जर स्थिति में है।
परिवार का कहना है कि यदि परिसर में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होती तो छात्र के अचानक गायब होने की घटना का जल्द पता चल सकता था।
परिजनों के साथ मारपीट का आरोप
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे बेटे की जानकारी लेने और तलाश करने के लिए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे, तो वहां उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना की जानकारी भी उन्होंने अधिकारियों को दी है और कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस कर रही कई एंगल से जांच
इधर पुलिस का कहना है कि छात्र की तलाश जारी है और मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि रोहित ऑनलाइन गेमिंग में सक्रिय था और उसके खाते से करीब 7 लाख रुपये के लेन-देन की जानकारी मिली है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, जबकि परिवार अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।
