More

    *सेंट जेवियर हाई स्कूल में मातृ-पितृ दिवस का भव्य आयोजन, बच्चों ने चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद*

    बिलासपुर। सरकंडा स्थित सेंट जेवियर हाई स्कूल में 14 फरवरी 2026 को मातृ-पितृ दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और भावनात्मक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मोंटेसरी वर्ग के विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं दादा-दादी की विशेष उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर पारिवारिक स्नेह और संस्कारों की भावना से सराबोर नजर आया।

    समारोह के मुख्य अतिथि सी.ओ. श्री ए. सामंत राय रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। अपने संबोधन में श्री राय ने कहा कि परिवार ही बच्चों की पहली पाठशाला है। माता-पिता जहां उनके मार्गदर्शक होते हैं, वहीं दादा-दादी जीवन मूल्यों और परंपराओं के संरक्षक होते हैं। उन्होंने विद्यालय द्वारा इस प्रकार के संस्कारमूलक आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

    कार्यक्रम के दौरान नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने रंगारंग नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम अदाओं और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों ने अभिभावकों को भावुक कर दिया। इस अवसर पर कुछ अभिभावकों एवं दादा-दादियों ने मंच पर अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यालय के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन परिवार और विद्यालय के रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं।

    विद्यालय की प्राचार्या सुश्री शाइस्ता बेगम ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि माता-पिता बच्चों के प्रथम शिक्षक होते हैं, जो उन्हें जीवन के मूलभूत संस्कार प्रदान करते हैं। वहीं दादा-दादी अनुभव, परंपरा और स्नेह के ऐसे स्तंभ हैं, जिनकी छाया में बच्चों का भावनात्मक और नैतिक विकास सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय और परिवार के समन्वय से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है और संस्था का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि संस्कार एवं चरित्र निर्माण को भी सशक्त बनाना है।

    समारोह का एक विशेष आकर्षण विद्यालय की न्यूज़ लेटर का अनावरण रहा। इस न्यूज़ लेटर में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों, रचनात्मक गतिविधियों और विविध प्रतिभाओं का संकलन प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने सराहा।

    कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने माता-पिता एवं दादा-दादी की पूजा कर उनके चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस भावपूर्ण क्षण ने पूरे वातावरण को भावनात्मक बना दिया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

    समारोह ने यह संदेश दिया कि मजबूत परिवारिक संस्कार और विद्यालय का सहयोग मिलकर ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।

    Related Articles

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Stay Connected

    161FansLike
    0SubscribersSubscribe

    Latest Articles