रोटरी क्लब ऑफ़ बिलासपुर क्वींस ने वृद्धाश्रम में फैलाया सेवा और संस्कार का उजाला, अध्यक्ष सीमा ठाकुर की पहल सराही गई

बिलासपुर। पितृपक्ष के अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ़ बिलासपुर क्वींस ने मानवता और सेवा का प्रेरणादायी संदेश दिया। 13 सितंबर को राजकिशोर नगर स्थित “माई की कुटिया” वृद्धाश्रम में क्लब की ओर से बुजुर्गों का सम्मान किया गया। इस आयोजन में बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते हुए क्लब ने यह साबित कर दिया कि सामाजिक सरोकार ही असली सेवा है।

इस वृद्धाश्रम में कुल 21 बुजुर्ग रहते हैं, जिनमें से कई चलने-फिरने में असमर्थ हैं। रोटरी क्वींस की ओर से सभी को चादर, टॉवल, चप्पलें और खाद्य सामग्री प्रदान की गई। क्लब की सदस्याओं ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर आत्मीय संवाद किया, जिससे उन्हें परिवार का एहसास मिला। साथ ही, क्लब ने भविष्य में उनके स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी लेने का भी संकल्प लिया।

इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष रोट सीमा ठाकुर ने कहा कि “बुजुर्ग हमारे समाज की धरोहर हैं, उनका आशीर्वाद सबसे बड़ा खजाना है। रोटरी क्वींस का उद्देश्य सिर्फ सामाजिक कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक भावनात्मक सहयोग और सम्मान पहुंचाना है।” सीमा ठाकुर की इस दूरदृष्टि और नेतृत्व की सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम में सचिव रोट भारती सालुंके, कोषाध्यक्ष रोट प्रियंका जीवनानी, उपाध्यक्ष रोट रचना सिंह, रोट संगीता चोपड़ा एवं रोट स्वाति श्रीवास्तव सक्रिय रूप से मौजूद रहीं और सेवा कार्य में अपनी अहम भूमिका निभाई।
रोटरी क्लब ऑफ़ बिलासपुर क्वींस की यह पहल न केवल समाज में मानवता की मिसाल पेश करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी सेवा और संस्कार का सबक देती है।
