कमलाकर जायसी के समतुल्य कवि है : पाठक
हिदायत अली कमलाकर की 9 वीं पुण्यतिथि पर आयोजन

बिलासपुर । साहित्यकार, खेल विभूति, छत्तीसगढ़ रत्न हिदायत अली जी की 9 वीं पुण्यतिथि पर उनकी कृति खंडकाव्य संग्रह का विमोचन और काव्य गोष्टी का आयोजन किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि आचार्य डॉ ए. डी. एन. बाजपेई जी कुलपति अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिदायत अली सूफी संत के कवि है साहित्य में अपनी छाप छोड़ गए हमें उनकी कृतियों पर शोध करना चाहिए कि एक मुस्लिम होकर हिंदी साहित्य क्षेत्र में अर्जुन का मोहमर्दन, किसन मोहे तारों, समर्थ राम, कैकई का संताप, नाटक, बाल गीत, आदि कला में अपने आप को साबित किया और दूसरा पक्ष खेल जीवन रहा आपने स्टैण्ड बॉल खेल को जन्म दिया उन्होंने कहा कि स्टैण्ड बॉल खेल कहा तक जाए कहा नहीं जा सकता लेकिन आपका साहित्य अमर है ,वही कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ अजय पाठक ने कमलाकर जी के साथ गुजरे पलों को याद किया और बताया कि कमलाकर जी सच मायने में कवि जीवन को जिया और बहुत ही खुले विचारों के कवि रहे कमलाकर जी जायसी के समतुल्य कवियों में से है उनकी कविताओं का अंश सूफी साहित्य से मिलता है उनके जीते जी जो सम्मान मिलना चाहिए वो उनको नहीं मिला । विशिष्ट अतिथि डॉ कावेरी दाभाड़कर ने कहा कि हिदायत अली जी कवि थे आज इसका ज्ञान हुआ हमने तो उनकी खेल विद्या का ज्ञान का था वो एक उम्दा किस्म के कवि रहे वहीं अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ तारणिस गौतम ने कहा कि हिदायत अली हमारे गुरु रहे उनका खेल के क्षेत्र में कोई सानी नहीं था ।
डॉ तबस्सुम , डॉ शाज़िया अली ने भी हिदायत अली जी के जीवन में प्रकाश डाला ।
अतिथियों का स्वागत फहमीदा नसरीन, नफीसा अली, डॉ साजिद अली, रेहाना तबस्सुम ने किया । कविता पाठ हिदायत अली कमलाकर की पोती अलिना से शुरू हुआ एजाज परवेज, महेश श्रीवास, के के पाठक, कावेरी दाभाड़कर, शत्रुघ्न जैसवानी, रश्मि गुप्ता, पूर्णिमा तिवारी, एम डी मानिकपुरी, सनत तिवारी, दिनेश जादव, आदि ने अपनी कविता सुनाई ।
इस अवसर पर डॉ गंगाधर पटेल , डॉ सुमित शर्मा, साहिब अली, अरम अली, डॉ मनोज सिंहा,सीमाब अली, अमन अली, डॉ मार्टिना जॉन,दिनेश पांडे, अरहान अली, रमाकांत सोनी आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन महेश श्रीवास और कवि गोष्टी का संचालन सतीश पांडे उद्यान ने किया ।
