
बिलासपुर/कोनी। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर सप्तमी के दिन कोनी में नवयुवक दुर्गोत्सव समिति के तत्वावधान में विशाल जगराता एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान माता रानी के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन के दौरान रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले पदयात्रियों का स्वागत कर उन्हें प्रसाद एवं फल वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने माता के जगराते को केवल मनोरंजन का कार्यक्रम मानने के बजाय इसे देवी शक्ति की आराधना, माता रानी की विशेष कृपा और आध्यात्मिक आस्था से जुड़ा उत्सव बताया।
त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कहा कि देवी जागरण और माता का जगराता हमारी धार्मिक आस्था और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवरात्रि में माता रानी की आराधना करने से भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता मिलती है। उन्होंने माता रानी से सभी परिवारों में सुख-शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की।
संतोष मिश्रा और राजा खान की महामाया जागरण मंडली ने दी प्रस्तुति
कार्यक्रम में संतोष मिश्रा एवं राजा खान के नेतृत्व वाली सिद्ध महामाया जागरण मंडली ने माता के भजनों और भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। माता की आराधना में श्रद्धालु देर तक भक्ति के रंग में रंगे रहे। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक एकता और सेवा की भावना को मजबूत करना रहा।
पदयात्रियों का स्वागत कर किया प्रसाद वितरण
नवरात्रि के दौरान रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर की ओर पदयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए आयोजन समिति ने विशेष व्यवस्था की। पदयात्रियों का स्वागत करते हुए उन्हें प्रसाद और फल वितरित किए गए। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सेवा को माता रानी के प्रति समर्पण और भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन के साथ सेवा और सहयोग की भावना भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को सामूहिक आस्था का स्वरूप प्रदान किया।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में अशोक श्रीवास, रामाधार केवट, सुशील पांडे, सीताराम श्रीवास, राम विजय गढ़वाल, अनुपम दुबे, मणिशंकर पटेल, अनिल श्रीवास, रामस्वरूप श्रीवास, रामकुमार केवट, रामकुमार श्रीवास, बृज खांडे, जनक पांडे, राजू पिल्ले, मनोज श्रीवास, आनंद चंद्र श्रीवास, गीतेश्वर पटेल, आयुष सिंह, चरण सिंह राज, शुभम श्रीवास और सतीश तिवारी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में समिति के दीपक श्रीवास, वेदव्यास श्रीवास, लाला यादव, अर्जुन ध्रुव, हर्ष कश्यप, संतोष गुप्ता, सुरेश यादव, मनोज पटेल, दुर्गेश पटेल, राजा पटेल, लक्ष्मीकांत श्रीवास, राहुल श्रीवास, लाला ठाकुर, नानू यादव, देवशरण कौशिक, रामू पटेल, शिवदास मानिकपुरी, संतोष पटेल, केशव पटेल, अनिल पटेल, बलराम श्रीवास, फूलचंद सारथी, आशु केवट और विक्की सुनहरे सहित अनेक सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
इसके अलावा हेमंत डहरिया, संजय श्रीवास, रामचरण गढ़वाल, शंकर पटेल, पुन्नी राम पटेल, रवि पटेल, राजू पटेल, रवि यादव, प्रमोद यादव, सहारा यादव, मुकेश पटेल, भगत पटेल, विजय यादव, राजेंद्र म्हात्रे, जैक्सन एंथोनी, ज्ञानेश्वर पटेल और योगेश गढ़वाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
आस्था, भक्ति और सेवा का बना संगम
कोनी में आयोजित इस जगराता कार्यक्रम ने नवरात्रि की धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक सहभागिता और सेवा का संदेश दिया। माता के भजनों, श्रद्धालुओं की भागीदारी और रतनपुर जाने वाले पदयात्रियों की सेवा के माध्यम से आयोजन समिति ने धार्मिक आस्था और जनसेवा के महत्व को रेखांकित किया।
