
बिलासपुर, दिनांक 18/03/2026
गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, कोनी, बिलासपुर में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी (TPO) की नियुक्ति में हुई कथित अनियमितताओं, फर्जीवाड़े एवं वित्तीय गड़बड़ियों के विरोध में एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव अश्वनी दीक्षित को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय में TPO का पद स्वीकृत न होने के बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्ति की गई। साथ ही, बिना UGC एवं सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के छात्र-छात्राओं की फीस (IRG फंड) से वेतन भुगतान किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता है। बताया गया कि अब तक इस मद से लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां हुई हैं, जिसमें निर्धारित अंकों से अधिक अंक प्रदान करना, अप्रमाणित डिग्री के आधार पर चयन एवं अनुभव के गलत मूल्यांकन जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं। पूर्व में वर्ष 2016 एवं 2025 की जांच समितियों द्वारा भी इस भर्ती को अनियमित पाया जा चुका है, इसके बावजूद भुगतान जारी रहना कई सवाल खड़े करता है।
रंजेश सिंह ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, जिसकी निष्पक्ष जांच केंद्रीय स्तर पर कराई जानी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारी को तत्काल पद से हटाकर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने एवं अब तक किए गए भुगतान की वसूली करने की मांग की गई।

एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह,पुष्पराज साहू,करन यादव,राजा खान,गौरव सिंह, मनेन्द्र अनत, अतुल रजक,श्रवण यादव,प्रशांत पाल,बिट्टू मानिकपुरी,दद्दू यादव,गौकरण साहू,सुमित मानिकपुरी,आशीष यादवअन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित
