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    *हेल्दी माइन्स’ की दिशा में बड़ा कदम: एसईसीएल की मेजबानी में सिमेकॉन 2026 का भव्य आगाज़*

    बिलासपुर में कोल इंडिया मेडिकल कॉन्फ्रेंस – सिमेकॉन 2026 का शुभारंभ शनिवार को एसईसीएल (South Eastern Coalfields Limited) की मेजबानी में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह सम्मेलन कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के चिकित्सा तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा खनन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

    सम्मेलन का उद्घाटन कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री बृजेश कुमार त्रिपाठी एवं एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने संयुक्त रूप से किया। अपने संबोधन में उन्होंने खनन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आधुनिक, संवेदनशील एवं सशक्त चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन तथा निदेशक (तकनीकी – योजना एवं परियोजना) श्री रमेश चंद्र महापात्र विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा सेवाएँ, एसईसीएल डॉ. श्रुतिदेव मिश्रा, डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, इंदिरा विहार अस्पताल डॉ. अरिहंत जैन सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारीगण शामिल हुए।

    250 से अधिक चिकित्सकों की सहभागिता

    सिमेकॉन 2026 में कोल इंडिया और उसकी विभिन्न सहायक कंपनियों से 250 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह मंच अनुभव साझा करने, शोध प्रस्तुत करने और नई चिकित्सा तकनीकों पर विचार-विमर्श का सशक्त अवसर बना।

    स्वास्थ्य प्रबंधन के आधुनिक आयामों पर चर्चा

    सम्मेलन के मुख्य सत्रों में खनन क्षेत्रों में व्यावसायिक स्वास्थ्य जोखिम, सिलिकोसिस एवं अन्य पेशागत रोगों की समयबद्ध पहचान, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों का उपयोग, आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन, टेलीमेडिसिन तथा डिजिटल स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा शोधपत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें नवीन उपचार पद्धतियों और प्रभावी स्वास्थ्य प्रबंधन मॉडलों पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

    वक्ताओं ने “हेल्दी माइन्स” की अवधारणा को साकार करने के लिए चिकित्सा सेवाओं में निरंतर नवाचार, समन्वय और तकनीकी उन्नयन को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों का स्वास्थ्य संरक्षण केवल औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है।

    एसईसीएल की प्रशासनिक दक्षता का परिचय

    सम्मेलन की सुव्यवस्थित एवं सफल मेजबानी ने एसईसीएल की प्रशासनिक क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सिमेकॉन 2026 न केवल चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए ज्ञान-विनिमय का मंच बना, बल्कि कोल उद्योग में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी सिद्ध हुआ।

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