बिलासपुर! 7…अगस्त यहां बता दें कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिपिक वर्ग वर्षों से अपनी वेतन विसंगति की पीड़ा को झेल रहे हैं तृतीय श्रेणी के सम वर्गों में सबसे कम वेतनमान लिपिकों का ही है जबकि लिपिकों के कार्य एवं दायित्व अन्य संवर्गओं की तुलना में अधिक है कार्य एवं दायित्व अधिक परंतु वेतनमान कम यही लिपिकों की पीड़ा है वर्तमान में लिपिक संवर्ग का वेतनमान चतुर्थ श्रेणी से मात्र ₹100 अधिक है लिपिकों को सम्मानजनक वेतन मान की मांग संघ द्वारा लगातार की जा रही है इसी तारतम्य मे छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया लिपिक वर्ग जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि 17 फरवरी 2019 को त्रिवेणी भवन बिलासपुर में मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित लिपिक महाधिवेशन में लिपिकों की पीड़ा को सुना गया एवं अपने मंच से लिपिक वेतनमान सुधार करने वेतन विसंगति दूर करने की घोषणा की गई थी जिसे प्रदेशभर के लिपिकों में आपके द्वारा सम्मानजनक वेतन प्राप्ति की आशा का संचार हुआ था परंतु लिपिक वेतनमान सुधार की घोषणा पर क्रियान्वयन नहीं हुआ संघ द्वारा आज 7 अगस्त को प्रदेश व्यापी समस्त जिले में भोजन अवकाश में जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर ध्यानाकर्षण प्रस्तुत किया जा रहा है आगे इनकी मांगे पूरी नहीं होने पर निरंतर हड़ताल की चेतावनी भी दी गई…
