बिलासपुर रेल हादसे से दहला शहर: पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी से भिड़ी, कई यात्री घायल – मौके पर मची चीख-पुकार

बिलासपुर। मंगलवार की सुबह बिलासपुर शहर रेल हादसे की दर्दनाक तस्वीर बन गया। गेवरा रोड से रायपुर की ओर जा रही लोकल पैसेंजर ट्रेन बिलासपुर आउटर के पास खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। हादसा चौकसे कॉलेज के पास उस समय हुआ जब पैसेंजर ट्रेन तेज रफ्तार में आउटर लाइन से गुजर रही थी और सामने खड़ी मालगाड़ी को नहीं देख पाई। देखते ही देखते तेज धमाके के साथ दोनों ट्रेनों की भिड़ंत हो गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पैसेंजर ट्रेन के इंजन और आगे के दो डिब्बे बुरी तरह चकनाचूर हो गए। लोहे की तेज आवाज और टूटते डिब्बों की गूंज से आसपास का इलाका दहल उठा। हादसे के तुरंत बाद ट्रेन में अफरातफरी मच गई — यात्रियों में चीख-पुकार गूंज उठी, कई लोग खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, “टक्कर इतनी तेज थी कि झटका लगते ही लोग सीटों से उछल गए। कुछ यात्री दब गए, तो कई घायल हो गए।”
सूचना मिलते ही रेलवे, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। ट्रैक पर क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने के लिए क्रेन मंगाई गई है। हादसे के बाद बिलासपुर से रायपुर की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है।
रेलवे ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर संकेत मिल रहे हैं कि सिग्नलिंग में त्रुटि या मानवीय भूल के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। जांच टीम तकनीकी पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आउटर लाइन पर अक्सर ट्रेनें खड़ी रहती हैं, लेकिन पर्याप्त सतर्कता नहीं बरती जाती।
> फिलहाल प्रशासन ने घायलों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है, जबकि हादसे की वजह से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
