“चक्काजाम में उमड़ा जनसैलाब: कांग्रेस ने चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ दिखाई सड़कों पर ताकत”

बिलासपुर 22.7.2025..मंगलवार
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का दो घंटे का चक्काजाम सिर्फ विरोध नहीं, एक जनसंकल्प बनकर सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेसियों में आक्रोश इस कदर फूटा कि सोमवार दोपहर बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश की सड़कों पर हजारों कार्यकर्ता उतर आए। बिलासपुर के पेंड्रीडीह बायपास पर दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चले इस चक्काजाम आंदोलन में बिलासपुर में ज़िला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस समेत तमाम संगठनों ने भाग लिया। आंदोलन की अगुवाई विधायक अटल श्रीवास्तव, विधायक दिलीप लहरिया और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय पांडे ने की।
विरोध प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। डॉ. महंत ने कहा –
“कांग्रेस किसी कीमत पर डरने या झुकने वाली पार्टी नहीं है। ईडी और आईटी का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को फंसाने की साजिश की जा रही है।”
कोटा विधायक और आंदोलन प्रभारी अटल श्रीवास्तव ने कहा कि —”
यह लड़ाई सिर्फ चैतन्य बघेल की नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ की अस्मिता की लड़ाई है। हम अडानी और भाजपा सरकार के गठजोड़ को बेनकाब करने सड़कों पर उतरे हैं।
उन्होंने केंद्र पर अडानी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि —
“आने वाले समय में कांग्रेस सत्ता में लौटेगी और गरीबों को उजाड़कर बनाई गई अडानी की संपत्ति गरीबों को लौटा दी जाएगी।”
इस आंदोलन में रश्मि आशीष सिंह, सियाराम कौशिक, शैलेष पांडे, पूर्व महापौर रामशरण यादव, प्रमोद नायक, पूर्व मंडी अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला, प्रवक्ता ऋषि पांडे, जावेद मेमन, देवेन्द्र सिंह, रंजीत सिंह, महेन्द्र गंगोत्री, सीमा घृतेश, जितेन्द्र पांडे, बिरझेराम सिंगरौल सहित हजारों कार्यकर्ता शामिल रहे।
चक्काजाम आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। बिलासपुर से उठी आवाज़ अब पूरे प्रदेश में गूंज रही है। कार्यकर्ताओं का जोश और नेतृत्व की दृढ़ता से कांग्रेस के इस आंदोलन को मजबूती मिली है।
