सच्चाई के सिपाहियों के पक्ष में पत्रकार समाज एकजुट, एसपी से मिला सकारात्मक आश्वासन
बिना जांच के एफआईआर पर जताई आपत्ति, प्रेस क्लब ने सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर।
सच की तलाश में दिन-रात जुटे पत्रकारों के खिलाफ लगातार हो रही एफआईआर से पत्रकार समाज में गहरी नाराजगी है। बीते एक महीने में शहर के 8 से अधिक पत्रकारों पर भयादोहन जैसे संगीन धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिससे मीडिया जगत में असंतोष की लहर है। बिना पुख्ता जांच और साक्ष्य के इस प्रकार की एफआईआर को लेकर मंगलवार को बिलासपुर प्रेस क्लब ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रेस क्लब अध्यक्ष इरशाद अली के नेतृत्व में वरिष्ठ पत्रकारों की एक प्रतिनिधि मंडली ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ जब अपने दायित्वों का निर्वहन करता है, तो उस पर इस तरह की कार्यवाही न केवल चिंताजनक है, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर प्रश्नचिह्न भी खड़ा करती है। पत्रकारों ने मांग की कि किसी भी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से पूर्व समुचित जांच हो, सभी तथ्य और सबूत इकट्ठे किए जाएं और यदि पत्रकार दोषी पाए जाएं तभी विधिसम्मत कार्रवाई हो।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह ने प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि किसी भी पत्रकार की गिरफ्तारी तब तक नहीं की जाएगी जब तक मामले की पूरी जांच न हो जाए। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार निर्दोष हैं तो उन्हें किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को भी निर्देशित किया है कि मीडिया से जुड़ी किसी भी शिकायत की गंभीरता से जांच हो और पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
एसपी ने ललिता कुमारी वर्सेस स्टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि संगीन अपराध की शिकायत मिलने पर पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी को बेवजह परेशान किया जाए। उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि किसी के दबाव में आकर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब के सह सचिव दिलीप जगवानी, वरिष्ठ पत्रकार महेश तिवारी, अखलाख खान, मनीष शर्मा, लोकेश वाघमारे, छवि कश्यप, अमन पांडेय, पृथ्वी दुबे (पिंटू), राकेश मिश्रा, रवि शुक्ला, साखन दर्वे, तीरथ राम लहरे, जितेंद्र थवाइत, सत्येंद्र वर्मा, श्याम पाठक, जिया खान, जेपी अग्रवाल, रोशन वैद्य, नरेंद्र सिंह ठाकुर, गोलू कश्यप, अमित पाटले, कैलाश यादव, घनश्याम गंधर्व सहित अनेक पत्रकार शामिल रहे।
