
बिलासपुर,..
पिछले 23 वर्षों से घायल व बीमार गौमाताओं की सेवा कर रही एक समर्पित समिति ने जिला प्रशासन के समक्ष पाँच अहम माँगें रखी हैं। समिति का कहना है कि ये माँगें जनहित से जुड़ी हैं और इनका शीघ्र समाधान आवश्यक है।
समिति की प्रमुख माँगों में गौसेवा हॉस्पिटल हेतु 5 एकड़ भूमि, अवैध गौ तस्करी के केंद्र मवेशी बाजारों को बंद करना, लापरवाह पशु चिकित्सक को निलंबित करना, घायल गौवंश के इलाज हेतु नियमित डॉक्टर की नियुक्ति, और उन्हें लाने हेतु एम्बुलेंस की सुविधा शामिल है।
समिति ने आरोप लगाया कि कुठी घाट व तखतपुर के मवेशी बाजार आज गौ तस्करी के बड़े केंद्र बन चुके हैं, जहाँ पर अवैध हथियारों और पुलिस की मिलीभगत की घटनाएँ भी सामने आई हैं।

इसके अलावा जिला पशु चिकित्सालय के डॉक्टर राम ओतलवार की कार्यशैली को लेकर भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर उनकी माँगों पर ठोस कार्यवाही नहीं होती, तो वे मस्तूरी से बिलासपुर तक तीन दिवसीय दण्डवत पदयात्रा निकालने को बाध्य होंगे, जिसके बाद धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।
समिति का कहना है कि यह आंदोलन गौ सेवा व जनहित में है और प्रशासन को समय रहते इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
