धमतरी (cgatoznews ) । जल जीवन मिशन अभियान में पूरे प्रदेश में टॉप स्थान पर चल रहे धमतरी जिले के ठेकेदार फंड के अभाव में अब काम करने से हाथ खींच रहे हैं जिससे इस अभियान पर ग्रहण लग सकता है। ठेकेदारों ने लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पत्र लिखकर अपनी भावनाओं से अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
घर-घर जल उपलब्ध कराने के लक्ष्य को लेकर पूरे जिले में जल जीवन मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। धमतरी जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है जहां लगभग 70 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। प्रत्येक साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिले के कलेक्टर पीएस एल्मा जल जीवन मिशन के कामों की समीक्षा
कर निर्देश दे रहे हैं कि हर हाल में काम पूरा हो जाना चाहिए। जो ठेकेदार कार्य नहीं कर रहे हैं, उन्हें काली सूची में डाला जाए। प्रशासन के दबाव में ठेकेदार किसी तरह काम को आगे बढ़ा रहे थे लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार भी अब काम करने से हाथ खींच रहे हैं।
बताया जाता है कि धमतरी जिले में 30 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान किया जाना है। लोकस्वास्थ्य विभाग के कार्यपालन यंत्री से मुलाकात कर ठेकेदारों ने अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। कार्यपालन यंत्री का ठेकेदारों से कहना था कि मेरे हाथ में कुछ नहीं है। फंड आने पर ही मैं भुगतान कर पाऊंगा। कुछ ठेकेदारों ने ईई
को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से यह कह दिया है कि जब तक बिल का भुगतान नहीं होगा, हम काम नहीं कर सकते। राशि मिलने के बाद ही काम शुरू कर पायेंगे।
ठेकेदारों का कहना था कि मार्केट से रकम उठाकर सामान की खरीदी इसी विश्वास से किये थे कि जल्द भुगतान हो जायेगा लेकिन ऐसा नहीं होने से ठेकेदारों के हाथ पांव फूल रहे हैं। कई छोटे ठेकेदार तो दहशत में आ गये हैं। उनका कहना है कि प्रशासन काम करने के लिए ठेकेदारों पर लगातार दबाव बना रहा है। लेकिन ठेकेदारों की समस्याओं का निराकरण करने कोई सामने नहीं आ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो जल जीवन मिशन का काम ठप पड़ जायेगा।
