
कान दर्द की शिकायत पर पहुंची महिला को हार्ट में ब्लॉकेज बताकर की गई एंजियोप्लास्टी | ठाकुरदेवा, मस्तूरी निवासी सुखम बाई साहू की अस्पताल में मौत | परिजनों ने रविवार को किया जमकर हंगामा, सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची
बिलासपुर, नेहरू नगर के नामी निजी अस्पताल श्रीराम केयर हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कान में दर्द की मामूली शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची एक महिला की एंजियोप्लास्टी के बाद मौत हो गई। घटना के बाद रविवार को अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा हुआ।
*क्या है पूरा मामला?*
मृतका की पहचान *सुखम बाई साहू पति रामजी साहू, निवासी ठाकुरदेवा, मस्तूरी* के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार घटनाक्रम कुछ इस तरह रहा:
1. सुखम बाई को कान में दर्द था, जिसके लिए उन्हें नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर हॉस्पिटल लाया गया।
2. यहां से उन्हें अचानक कोनी स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
3. कोनी में कार्डियोलॉजिस्ट *डॉ. अभिषेक कुमार* ने जांच के बाद हृदय में ब्लॉकेज होने की बात कही और एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सलाह दी।
4. परिजनों का आरोप है कि एंजियोप्लास्टी के लिए उन्हें फिर वापस श्रीराम केयर हॉस्पिटल भेजा गया, जहां डॉ. अभिषेक कुमार ने ही प्रक्रिया की।
5. एंजियोप्लास्टी के बाद ही महिला की अस्पताल में मौत हो गई।
*परिजनों का फूटा गुस्सा, अस्पताल में हंगामा*
महिला की मौत की खबर लगते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। रविवार को बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों का सीधा सवाल है – “कान दर्द लेकर आई महिला का इलाज दिल तक कैसे पहुंच गया और उसकी जान कैसे चली गई? क्या सारे मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया था?”
स्थिति बिगड़ती देख सिविल लाइन सीएसपी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया।
*बेटी संगीता का छलका दर्द: “मेरी मां को मार दिया, लाइसेंस निरस्त करो”*
मृतका की बेटी *संगीता साहू* ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अस्पताल की लापरवाही ने मेरी मां की जान ले ली। हमें सही जानकारी तक नहीं दी गई। हम चाहते हैं कि दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई हो और श्रीराम केयर का लाइसेंस निरस्त किया जाए ताकि कल किसी और मां के साथ ऐसा न हो।”
*पुलिस और प्रबंधन का पक्ष*
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और लापरवाही के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। मेडिकल दस्तावेज, एंजियोग्राफी रिपोर्ट और एंजियोप्लास्टी से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच की मांग उठ रही है।
वहीं इस पूरे मामले पर *श्रीराम केयर हॉस्पिटल प्रबंधन ने परिजनों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज* करते हुए इसे गलत बताया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और एक परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
