
दुर्ग। यात्रियों की सुविधा और स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आरपीएफ दुर्ग ने 22 मार्च 2026 को एक विशेष अभियान चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान रेलवे स्टेशन परिसर में अनाधिकृत वेंडिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 15 अवैध वेंडरों पर कार्रवाई की गई और करीब 50,000 रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए।
आरपीएफ प्रभारी दुर्ग के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म पर स्थित स्टॉलों के बाहर अनधिकृत रूप से खाद्य सामग्री रखी हुई पाई गई। इससे यात्रियों को स्टॉल से सामान खरीदने में असुविधा हो रही थी, साथ ही प्लेटफॉर्म पर आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी। आरपीएफ ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान कुल 2940 पानी की बोतलें, 96 फ्रूटी (मैंगो टैंगो), 91 चिप्स के पैकेट, 11 केक पैकेट, एक-एक कैरेट केला, अंगूर और खीरा जब्त किए गए। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत लगभग 50 हजार रुपये आंकी गई है। सभी सामान को विधिवत जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए पार्सल कार्यालय दुर्ग को सुपुर्द किया जा रहा है।
आरपीएफ की इस कार्रवाई से स्टेशन परिसर में अव्यवस्था फैलाने वाले वेंडरों में हड़कंप मच गया। वहीं, इस मामले में कमर्शियल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, स्टॉल आवंटन से जुड़े नियमों की अनदेखी के कारण ही इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई है।
बताया जा रहा है कि कमर्शियल विभाग द्वारा 17 मार्च 2026 को 88 वेंडरों के पहचान पत्र की अवधि समाप्त हो जाने के बावजूद 22 मार्च तक नए कार्ड जारी नहीं किए जा सके हैं। इससे अनधिकृत वेंडिंग को बढ़ावा मिला और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके।
