जनहित की आवाज़ उठाने वाले त्रिलोक श्रीवास को फंसाने की साजिश – बोले, साबित हो अवैध प्लाटिंग तो भुगतू हर सज़ा”

बिलासपुर, 4 अगस्त 2025 | विशेष रिपोर्ट
जनता के अधिकारों और शासकीय भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार आवाज़ बुलंद करने वाले कांग्रेस के तेजतर्रार नेता श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने कोनी-बिरकोना क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को लेकर अपने ऊपर लगे आरोपों का न केवल खंडन किया है, बल्कि चुनौती भी दी है कि यदि उनके द्वारा कोई भी अवैध कार्य सिद्ध हो जाए, तो वे हर सजा भुगतने को तैयार हैं।
हाल ही में नगर निगम एवं राजस्व विभाग द्वारा कोनी क्षेत्र में की गई कार्रवाई में त्रिलोक श्रीवास का नाम कथित तौर पर जोड़ते हुए कुछ समाचार माध्यमों में यह दर्शाया गया कि उनके द्वारा अवैध प्लाटिंग की गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए त्रिलोक श्रीवास ने स्पष्ट कहा, “मैंने या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने आज तक न कोई अवैध प्लाटिंग की है, न ही कोई अवैध निर्माण।”
उन्होंने बताया कि कोनी महल नंबर 2, खसरा नंबर 147/3 और 173 में पिछले तीन वर्षों से वे लगातार शासकीय ज़मीन पर अवैध कब्जा एवं प्लाटिंग के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश कार्रवाई दोषियों पर न होकर, उल्टा उन्हें ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। श्री श्रीवास ने यह भी उजागर किया कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से शासकीय ज़मीन को 32 टुकड़ों में बाँटकर अवैध नामांतरण किया गया, जिसकी उन्होंने कई बार शिकायत की, पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
खसरा नंबर 17, जो हाल की कार्रवाई में चिन्हित किया गया है, उसके संबंध में उन्होंने विस्तार से बताया कि वह ज़मीन मूलतः के.सी. पांडे और उनके भाइयों के नाम पर थी, जिसे पारिवारिक जरूरतों के तहत कुछ व्यक्तियों को बेचा गया था, लेकिन उसमें कहीं भी न तो अवैध प्लाटिंग की गई, न सड़क, नाली या बाउंड्री वॉल जैसी कोई व्यवस्था बनाई गई।
श्रीवास ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“अगर नगर निगम या कोई भी संस्था यह साबित कर दे कि मैंने अवैध प्लाटिंग की है, तो मैं हर सज़ा भुगतने को तैयार हूं। लेकिन जनहित की आवाज़ उठाना ही अगर मेरा अपराध है, तो मैं ऐसे ‘इनाम’ के लिए पहले से तैयार हूं।”
जनता के बीच एक सच्चे, निडर और जनहितैषी नेता की छवि रखने वाले त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने यह भी कहा कि वे वर्षों से जनता के हक़ में लड़ते आए हैं, और चाहे जितनी भी साजिशें उनके खिलाफ की जाएं – उनका संघर्ष जारी रहेगा।
“सत्य की जीत होती है – और इस बार भी होगी, लेकिन झूठे आरोप लगाने वाले एक बार फिर बेनकाब होंगे,” – यह कहते हुए उन्होंने अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया।
त्रिलोक चंद्र श्रीवास न केवल बिलासपुर की राजनीति में ईमानदारी और जनसेवा का प्रतीक हैं, बल्कि हर उस अन्याय के खिलाफ खड़े रहते हैं जहाँ आम जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश होती है। उनके खिलाफ साजिशों का जवाब वह निडरता से देते रहे हैं और आगे भी उनका संघर्ष सच के साथ निर्भीकता से जारी रहेगा।
