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    *पांच साल बाद दोबारा हो रहा है महोत्सव…. शहर में सजेगा मिनी मारवाड़, राजस्थानी कुज़ीन, मैजिक शो, शॉपिंग व गेम्स का ले सकेंगे मज़ा*

    शहर में सजेगा मिनी मारवाड़, राजस्थानी कुज़ीन, मैजिक शो, शॉपिंग व गेम्स का ले सकेंगे मज़ा

    अखिल भारतीय मारवाड़ महिला सम्मलेन 10 नवंबर को करा रहा है मारवाड़ महोत्सव

    बिलासपुर। राजस्थानी खाने का स्वाद चखना हो, तो आपको राजस्थान जाने का खर्चा उठाने की जरुरत नहीं है। शहर में आगामी 10 नवंबर को होने वाले मारवाड़ महोत्सव में आप ना सिर्फ राजस्थानी कुज़ीन का लुत्फ़ उठा सकते हैं, बल्कि ऊंट की सवारी का भी आंनद ले सकेंगे। महोत्सव में कठपुतली, गेम्स, शॉपिंग समेत दूसरे इवेंट के जरिए बच्चों ही नहीं बड़ों के लिए भी पूरे दिन के मनोरंजन का इंतजाम किया गया है।

    अखिल भारतीय मारवाड़ महिला सम्मेलन के पदाधिकारियों ने बिलासपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि कुंदन पैलेस में 10 नवंबर को होने वाले मारवाड़ महोत्सव में शहर के लोगों को मिनी राजस्थान की झलक दिखाई देगी। समिति की अध्यक्ष पिंकी अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन शहरवासियों के लिए है, ना कि किसी समाज विशेष के लिए। जयपुर का चोकी ढाणी पूरे देश में राजस्थानी संस्कृति की नुमाइंदगी के लिए मशहूर है और यह एक दिनी महोत्सव भी उसी दिशा में एक प्रयास है। सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाले आयोजन में लोग विशेष तौर पर राजस्थानी खाने का स्वाद ले सकेंगे, जिसे राजस्थान से आए हुए हलवाई ही तैयार करेंगे। इसके अलावा म्यूजिकल तम्बोला होगा, जिसमें नंबर की जगह गाना काटना होगा। बच्चों के लिए मैजिक शो और गेम्स रखे जाएंगे। इसमें प्रतियोगिताएं भी होंगी, जिसमें राजस्थानी थाली मेकिंग, रेंप वॉक, सेव इंवार्नमेंट समेत अन्य शामिल हैं। विजेताओं को इनाम में सिल्वर कॉइन मिलेंगे।

    फंड से करेंगे जरुरतमंदो की मदद

    समिति के सदस्यों ने बताया कि मारवाड़ महोत्सव पूरी तरह से चैरिटी इवेंट है। इस आयोजन से जमा होने वाले फंड से वृद्धा आश्रम में रहने वाली महिलाओं के लिए बाथरूम बनाए जाएंगे। इसके अलावा दृष्टि बाधित स्कूल में बच्चों के लिए स्मार्ट क्लास रूम तैयार करके देने की योजना है।

    पांच साल बाद दोबारा हो रहा है महोत्सव

    समिति के अनुसार मारवाड़ महोत्सव दूसरी बार आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले 2019 में इसे किया गया था, जिसे लोगों ने काफी सराहा था। समिति में 150 सदस्य हैं और सभी गृहनियां है। इस आयोजन का उद्देश्य यह भी साबित करना है कि महिलाएं भी हर तरह के आयोजन को करने में सक्षम है।

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