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    *दहसत के साए मे जीने को मजबूर खाद्य विभाग अधिकारी एस. पी से शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कोई कार्यवाही*

    बिलासपुर. Cgatoznews… बिलासपुर जिले को प्रदेश की न्यायधानी कहा जाता है और प्रदेश के न्याय का मंदिर भी बिलासपुर में ही स्थित है, लेकिन पिछले कुछ समय मे न्यायधानी न्याय के नाम से कम और अपराधों के नाम से ज्यादा सुर्खियों में बना हुआ है, बिलासपुर एक बार सुर्खियों में तब आया जब पिछले दिनों मस्तूरी में कांग्रेसी नेता के घर पर दिन दहाड़े हथियारबंद लोगों ने डकैती डाल दी, डकैती की सूचना मिलते ही पुलिस की सांस ऊपर नीचे होने लगी जिसके बाद महकमे के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बिलासपुर पुलिस जिस ततपरता से अपराध होने के बाद मौके पर पहुंचती है उतनी ततपरता से शिकायतों का निवारण या उसपर कर्रवाई क्यों नहीं होती ये समझने वाली बात है, बिलासपुर जिले के खाद्य विभाग में पदस्थ सहायक खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह द्वारा पिछले साल दिसंबर के आखिरी दिनों में आवेदन दी गई थी कि, चार संदिग्धों द्वारा उनके मकान की रेकी की जा रही है, और अलग अलग तरीको से चार अज्ञात लोग उनके घर में न रहने का फायदा उठाकर घर में घुसने की कोशिश करते हैं, एक अज्ञात तो मकान का नाम पढ़कर पीछे से उसी नाम को पुकार रहा था और घर में घुसने की कोशिश कर रहा था, उसके बाद अगले दो दिनों तक दो अलग अलग व्यक्तियों ने घर आकर कहा कि.., यह घर 15 साल पहले हमने बनाया था और हमे मकान मालिक से मिलने अंदर आने दो, बात यहीं पर खत्म नहीं हुई उसके अगले दिन एक मोटरसाइकिल आई जो करीब आधे घंटे से ज्यादा उनके घर के सामने खड़ी रही, मोटरसाइकिल सवार झाड़ियों के पास खड़ा रहा और रेकी करता रहा, जब उस मोटरसाइकिल का नम्बर सीसीटीवी के जरिए निकाला गया और खोजा गया तो मोटरसाइकिल नम्बर CG10 EE 1954 फ़र्ज़ी होने होने की जानकारी मिली, जिसके बाद अधिकारी का शक यकीन में परिवर्तित हो गया, सहायक खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह द्वारा सिविल लाइन थाने में शिकायत की गई उसी दिन थाना प्रभारी शनिप रात्रे की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गए और वो होम आइसोलेशन में चले गए, लेकिन काम सिर्फ थाना प्रभारी करें ऐसा भी नहीं है लेकिन शिकायत को किनारे रख दिया गया, उसके बाद फिर दो दिन बाद सहायक खाद्य अधिकारी के घर पर शाम के वक्त कुछ उन्ही संदिग्धों को घूमते देखकर ओंकार सिंह अगले दिन एसपी ऑफिस पहुंचे जहां उन्होंने ने एसपी पारुल माथुर को सारी बातें बताई जिसपर एसपी मेडम ने ततपरता से सिविल लाइन का प्रभार सम्भाल रहे निरीक्षक कलीम खान को फोन लगाया और मामले की गम्भीरता सेजांच के निर्देश दिए, लेकिन एक बार फिर सिविल लाइन पुलिस द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया, इस बीच मस्तूरी क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई डकैती से बिलासपुर में हड़कंप मच गया, इधर शाम को सीएसपी सिविल लाइन मंजुलता बाज को शिकायत के मामले से फिर अवगत कराया गया तो उन्होंने एसआई संजय बरेठ को बुलाकर जांच करने की बात कही.. उसी दिन देर शाम को एसआई संजय बरेठ शुभम विहार स्थित अधिकारी के घर पहुंचे जहां उन्होंने दूसरे दिन पास में बन रहे घर के मजदूरों से पूछताछ करने की बात अधिकारी से कही.., लेकिन उसके बाद अब तक कोई कार्रवाई इस मामले में नहीं कि गई है.. बड़ी बात यह रही कि सहायक खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ने जानकारी दी कि.. कल (शनिवार) की शाम संदिग्धों की टोली फिर शुभम विहार में मंडराती नज़र आई.. जिसके बाद अब सहायक खाद्य अधिकारी का परिवार भय में है.. और जन्हें किसी बड़ी घटना के होने का डर भी सताने लगा है.. जाहिर सी बात है कि लगातार किसी के घर की रेकी होने के बाद पता चलें कि रेकी करने वाली का गाड़ी नम्बर ही फ़र्ज़ी है तो डर बैठना स्वभाविक है.. पुलिस की गम्भीरता पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं..

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